सोमवार, 25 अक्तूबर 2010

पर्यावरण पर आलेख प्रतियोगिता - आओ! करें दुस्साहस - ब्लॉग 4 वार्ता - शिवम् मिश्रा


प्रिय ब्लॉगर मित्रो ,
प्रणाम !

काश ऐसा होता कि आपको एसएमएस या ईमेल लिखने के लिए मोबाइल के बटन न दबाने पड़ें और डिक्टेट करने से ही एसएमएस या ईमेल चले जाते। एक ऐसी मोबाइल एप्लिकेशन लिंगो है, जो आपकी आवाज को टेक्स्ट में बदलने की क्षमता रखती है। लिंगो एक वॉयस रिकनाइजेशन एप्लिकेशन है, जो काफी इंटेलिजेंट भी है। लिंगो आपकी वॉयस को टेक्स्ट में बदल कर एसएमएस और ईमेल भी टाइप कर देगी। आपका फेस बुक अकाउंट भी आपकी आवाज से अपडेट कर देगी। अगर आप ड्राइविंग कर रहे हैं और आपको तुरंत एक एसएमएस टाइप करना है या किसी का नंबर पर कॉल करनी है, तो बस इस एप्लिकेशन को ऑर्डर देना है और यह आपका काम तुरंत कर देगी और आपका समय भी बचाएगी। इसके अलावा इससे गूगल पर वॉयस सर्च भी किया जा सकता है। नोकिया ओवीआई स्टोर ने लिंगो की खूबी देखते हुए इसे यूटिलिटी एप ऑफ द ईयर के खिताब से भी नवाज़ा है |

आइये अब चले आज की ब्लॉग वार्ता की ओर ....

आज २५ अक्टूबर है .... १९८० में आज के ही दिन भारत के मशहूर गीतकार साहिर लुधियानवी जी का निधन हुआ था |

मैं ब्लॉग 4 वार्ता के पूरे वार्ता दल और आप सब की ओर से साहिर लुधियानवी जी को शत शत नमन करता हूँ !


सादर आपका


शिवम् मिश्रा

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आपके लिए कैसा रहेगा 25 और 26 अक्‍तूबर 2010 का दिन ?? :- ये दो दिन सामान्‍य तौर पर मनोनुकूल वातावरण उपस्थित करेंगे , कई प्रकार की समस्‍याओं से राहत दिखाई पडेगी। मनोनुकूल कार्यक्रम मे लोग डूबे रहेंगे। ये दोनो दिन राष्‍ट्रीय और अंतराष्‍ट्रीय स्‍तर पर बहुत खुशनुमा ...


“… ..मंजिल पूरी!” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”) :- गूगल टॉक पर *चैट! * *मन के आकाश पर * *उड़ रहा है * *जैट!! * *खूब मिल रहा है * *कच्चा माल! * *दिल और दिमाग पर * *छा रहे हैं खयाल!! * *कपड़े की गाँठ में बन्धें हैं * *थान के थान! * *गिरह खोलने ...


आओ! करें दुस्साहस :- कल देर रात (सुबह साढ़े तीन बजे) तक काम करता रहा। कुछ दिनों से कम्प्यूटर खराब पड़ा था। दुरुस्ती के लिए भेजा हुआ था। कागज-पत्तर टटोलते-टटोलते एक कविता हाथ आई। जब इसकी नकल की तब इसके रचयिता का नाम लिखना भूल...


ओवर कम्युनिकेशन यानि नॉन कम्युनिकेशन :- हर वक्त ऑनलाइन रहते हैं..... आवाज़ ही अब चेहरा भी देखा जा सकता है।/ यानि ना इंतजार ना तड़प।
घर से बाज़ार के बीच मियां बीबी की फोन पर पांच बार बातचीत हो जाती है।/ जब घर पर होते हैं एक इन्टरनेट पर व्यस्त है तो दूसरा टीवी देखने में ।


आधुनिक शिक्षा की दौड़ में कहाँ हैं हमारे सांस्कृतिक मूल्य :- क्या शिक्षा में सांस्कृतिक मूल्य नहीं होने चाहिये, शिक्षा केवल आधुनिक विषयों पर ही होना चाहिये जिससे रोजगार के अवसर पैदा हो सकें या फ़िर शिक्षा मानव में नैतिक मूल्य और सांस्कृतिक मूल्य की भी वाहक है। ...


क्या आप जानते हैं कि भारत की प्रथम फिल्म संगीत निर्देशिका कौन थी? - फिल्म प्रथमावली :- *भारत की प्रथम फिल्म* दादा साहेब फाल्के द्वारा निर्मित फिल्म "राजा हरिश्चन्द्र", जो कि 3 मई 1913 को रिलीज़ हुई थी, को भारत का प्रथम फिल्म माना जाता है। 50 मिनट की 3700 फीट लंबी यह फिल्म चार रीलों की थी...


हाँ , चैट कर लेती है :- २१ वीं सदी की नारी है हाँ , चैट कर लेती है तो क्या हुआ ? बहुत खरपतवार मिलती है उखाड़ना भी जानती है मगर फिर लगता है बिना खरपतवार के भी आनंद नहीं आता इसलिए साथ- साथ अच्छी फसल के उसे भी झेल लेती है २१...


चाँद है मेरा परदेस में :- आज चंदा तू चमक ना कि चाँद है मेरा परदेस में... उज्जवल सलोना ये रूप तेरा मुझे उसकी याद दिलाएगा जा चला जा आज तू कहीं कब तक मुझे यूँ सताएगा चमकेगा जो तू यूँ रात भर तो मेरी रात ये होगी दूभर दमकती...


2000 पोस्ट हो गई और पता भी नहीं चला :- हमारे ब्लागों को मिलाकर कब की 2000 पोस्ट पूरी हो गई है और हमें पता भी नहीं चला। कल रात को कुछ समय मिला तो सोचा कि चलो देखते हैं हम कहां तक पहुंचे तो ब्लागों की पोस्ट जोडऩे पर मालूम हुआ कि 2000 पोस्ट कब की ...


श्री बाल्मीकि - सतीश सक्सेना :- मत भूलो रचनाकार प्रथम श्री रामचरित रामायण के थे महापुरुष श्री बाल्मीकि ऋषि,ज्ञानमूर्ति,रामायण के हो शूद्र कुलोदभव फिर भी जगजननी को पुत्री सा समझा उनके वंशज अपमानित कर, क्यों लोग मनाते दीवाली.....


लल्लू :- हमें बताया कि लोहे का गेट बनता है आलू कोल्ड स्टोरेज के पास। वहां घूम आये। मिट्टी का चाक चलाते कुम्हार थे वहां, पर गेट बनाने वाले नहीं। घर आ कर घर का रिनोवेशन करने वाले मिस्तरी-इन-चार्ज भगत जी को कहा तो ...


मैं बिन आवाज़ गा रही हूँ... :- शक़ मिजाज़ बन गया है अपना सबूत जुटा रही हूँ अलफ़ाज़ तक ख़फा हैं बिन आवाज़ गा रही हूँ ख़ाली रहे न वरक़ शजर का तेरा नाम लिखे जा रही हूँ पहचान मेरी अब, डगमगाने लगी है पानी में मैं अब, निशाँ बना रही हूँ....


अपनी सीमा पार कर रही हैं अरुंधति :- अपनी सीमा पार कर रही हैं अरुंधति। कभी नक्सलवाद के नाम पर, तो कभी कश्मीर के नाम पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बेजा फायदा उठा रहीं हैं अरुंधति राय. इसे इंडियन गवर्नमेंट तमाशाई बनकर क्यों देख रही है....


साला एक और राष्ट्रपति वेस्ट हो गया अमरीका ।का ......खबरों की खबर यानि झाजी वक्रदृष्टि टाइम्स ....पढिए न :- * * * * ** * * * * * * *खबर :-दिल्‍ली जा रहा विमान पटना पहुंचा, यात्रियों का हंगामा* * * *नज़र :-अरे ई कौन बात हुआ रे ॥दिल्ली जा रहा विमान पटना पहुंच गया ....कमाल है यार ..ई दिवाली में कंपनी सब भी कईसा...


आओ, थोड़े बुरे हो जाएं...खुशदीप :- ये मैं नहीं कह रहा...अमेरिका के *नेब्रास्का यूनिवर्सिटी* और *लिंकन्स कालेज ऑफ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन* की ताज़ा स्टडी कह रही है...आपको बेशक लीडर वही पसंद हो जो ईमानदार हो, व्यावहारिक हो और शांत दिमाग से काम...


विश्व कवि मुक्तिबोध का स्मरण :- गजानन माधव 'मुक्तिबोध',मुक्तिबोध की रचनाएँ कविता कोश में,भूरी-भूरि खाक धूलितो अंतर जाल पर उपलब्ध हैं उससे हटके मेरी नज़र में गजानन माधव "मुक्तिबोध" सदकवियों, विचारकों सामान्य-पाठकों , शोधार्थियों के लिए अनवरत ज़रूरी है। मुझे जो रचनाएं बेहद पसंद है वे ये रहीं जो विकी से साभार लीं जाकर सुधि पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है...


"करवा चौथ" जीवन बीमा योजना :- रोज़ सबेरे उठने से पहले नींद में ही बिस्तर पर बगल में टटोल कर देखता हूं,तो श्रीमती जी गायब मिलती हैं।जाहिर है वह मुझसे पहले उठ कर दिनचर्या में लग जाती हैं और मुझे बिस्तर पर ही चाय मिल जाती है। पर आज सुबह आदतन बगल में हाथ फ़ेर कर देखा तो पाया कि वह तो समूची की समूची बगल में बिस्तर पर ही धरी हैं।मेरा माथा ठनका....


इतिहास्य :- विकास का इतिहास है, उसकी बुनियाद, अनगिनत, इंसानों की लाश है, दफनाए हुए, सच
कहने को "काश" है, नाम – सभ्यता, पता – आधुनिकता, उम्र – सदियाँ बीत गयीं ...


रोटी vs ठेका :- यह भीड़ कैसी है लगता है यह कोई राशन की दुकान है. एक वक़्त था जब राशन की
दुकान पर लगे लोगो का पूरा दिन लग जाता था. लेकिन लाइन में लगे लोगो को इस बात की ख़ुशी भी रहती थी की आखिर उन्हें सस्ता राशन तो मिल जाएगा....


मियां बीबी मतलब वीणा की तारें :- बात बहुत पुरानी है। पति के मना करने के बावजूद पत्नी सत्संग में चली गई। वापिस आई तो पति ने नाराजगी दिखाई। बात इतनी बढ़ी कि बोलना तो दूर दोनों ने मरने तक एक दूसरे की सूरत नहीं देखी। वह भी एक घर में रहते हुए...


कुछ विसंगतियों भरी बात :- हमारे देश में जो प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण छात्र होते हैं – बहु-मुखी व्यक्तित्व के धनी... कहीं तकनिकी, इंजीनियरिंग अथवा डाक्टरी विद्या में परांगत होकर – ऐसा ही व्यवसाय चुनते है और इनमे से भी कई महापुरुष ब्लोग्गर बनकर हिंदी और समाज सेवा का वर्त धारण करते हुवे खाली समय इन्ही सब (चिरकुट???)...


राजनीतिज्ञ---(कुछ हल्का-फुल्का) :- किसी समय की बात है, एक आदमी हुआ करता था। अब यह न पूछिए कि वह कौन था और कहाँ रहता था. कथा-कहानियों में यह आवश्यक नहीं है कि कथा के नायक का नाम, पता, बाप का नाम, निवास स्थान वगैरह का इस प्रकार वर्णन किया जाए...


सड़क मार्ग से महाराष्ट्र: 'बिग बॉस' से आमना-सामना, ममता जी की हड़बड़ाहट, आधी रात की माफ़ी और 'जादू'गिरी हुई छू-मंतर :- घुघूती बासूती जी से एक संक्षिप्त मुलाकात के बाद अब हमें बहुत दूर जाना था। युनूस खान जी से पिछले बरस कह चुके थे कि अब तो तभी मिलना होगा ममता जी से, जब वे दो से तीन हो जाएंगे :-) सो अब हम चल पड़े* युनूस-ममता...


"जन्म दिन मुबारक़ हो अर्चना चावजी !!" :- अर्चना चावजी, एक ब्लागर, एक गायिका, एक संघर्ष शील नारी जो दृढ़्ता का पर्याय है.... उनके ब्लाग "मेरे मन की " में वो सब है जो उनका एक परिचय यहां भी दर्ज़ है यानि उनकी बहन रचना जी के ब्लाग "मुझे भी कुछ कहना है " पर. अर्चना जी, रचना जी, भाई देवेन्दर जी , सबको गोया शारदा मां ने कंठ वाणी में खुद शहद से "मधुरता" लिख दी है. मेरे ब्लाग की सह लेखिका अर्चना जी को हार्दिक शुभकामनाएं...


रोहतक मे ब्लांग मिलन :- पिछली पोस्ट मे आप सब ने बहुत हिम्मत दी, बहुत से साथियो ने सुझाव भी दिये, जिन्हे मैने नोट कर लिया हे, ओर यह सब बाते आप लोग ही वहां करेगे, या अन्य साथी इन बातो पर चर्चा करेगे, मुझे बहुत खुशी हुयी आप सब के ...


अब एक जरूरी सूचना :- सभी हिंदी ब्लॉगर ध्यान दें |


पर्यावरण पर आलेख प्रतियोगिता----------------ललित शर्मा :- मित्रों, पर्यावरण प्रदूषण के कारण बहुत सारी समस्याएं हमें घेरती जा रही हैं, नित नए रोग जन्म लेते जा रहे जा रहे हैं। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जो निरोग हो। हमें पर्यावरण प्रदूषण के कारण हो रहे जलवायु परिवर्तन के प्रति सचेत होना पड़ेगा। पूरे विश्व में इस दिशा में बहुत कार्य हो रहे हैं। इससे बचने के लिए हमारा जागरुक होना अत्यावश्यक है। विगत कई दिनों मैं बच्चों के बीच पर्यावरण के प्रति जागरुक का संदेश देने वाले कार्यक्रमों में गया,तब मेरे मन में आया की ब्लॉग जगत में एक आलेख प्रतियोगिता का आयोजन किया जाए क्योंकि हमारे ब्लॉग जगत में धुरंधर लिक्खाड़ों और विद्वानों की कमी नहीं है। इसलिए हम एक आलेख प्रतियोगिता आयोजन करने जा रहे हैं। जिसमें नगद पुरस्कार दिए जाएगें और उन्हे समारोह पूर्वक सम्मानित भी किया जाएगा। यह आयोजन यहाँ होगा। जहाँ नियमित स्वीकृत आलेखों का प्रकाशन होगा। संभव हुआ तो सार्थक टिप्प्णीकारों के लिए भी पुरस्कार की व्यवस्था की जाएगी। बाकी जानकारी अगली पोस्ट में दी जाएगी।


लीजिये आज फिर अपनी डफली आप बजाता हूँ ... और आप सब के लिए अपनी पोस्ट का लिंक दिए जाता हूँ ....


मैं हर एक पल का शायर हूँ ...


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अब लीजिये आप सब के लिए पेश है साहिर जी की एक बेहद उम्दा नज़्म ........


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आज की ब्लॉग वार्ता बस यहीं तक .....अगली बार फिर मिलता हूँ एक और ब्लॉग वार्ता के साथ तब तक के लिए ......

जय हिंद !!

15 टिप्पणियाँ:

बहुत बढिया वार्ता शिवम बाबु
बीएसएनएल के डाटा कार्ड का असर दिख रहा है।

चकाचक वार्ता के लिए शुभकामनाएं

ललित जी,
रायपुर आकर चले जाते हैं, पता भी नहीं चलता
अब तो रस मलाई आपको खिलानी पड़ेगी, अभनपुर से आए तो साथ लेकर आए, पुलिस मैदान में बैठकर खाएंगे

अपने पीसी में तो एक वॉयस रिकनाइजेशन एप्लिकेशन मैने भी इंस्‍टॉल किया था .. दोनो बेटों की आवाज तो वह बिल्‍कुल रिकोग्‍नाइज कर लेता था .. पर मेरी नहीं कर पाता था .. देखना है लिंगो मेरी उम्‍मीद पर कितना खरा उतरता है .. आज की चर्चा भी जोरदार रही .. साहिर लुधियानवी जी की नज्‍म सुनवाने के लिए भी आपका आभार .. उनको शत शत नमन !!

बढ़िया वार्ता और जोशपूर्ण गीत.

आप सबका बहुत बहुत आभार !

बढ़िया लिंक्स से सुसज्जित सुन्दर वार्ता...
लिंगों मोबाईल सोफ्टवेयर को डाउनलोड करने का लिंक भी खोज कर दें

बहुत सुंदर लगी आज की चर्चा जी, राम राम

मजेदार चर्चा और हमेशा की तरह शिवम भईया का मजेदार अंदाज़! :)

बड़े अच्छे लिंक देने के साथ एक टिप देना अच्छा लगा ! लिंगो को आजमाते हैं !हार्दिक शुभकामनायें !

धन्यवाद भाई, हमरी पोस्ट भी इस काबिल समझी गयी.....
आभार.

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