मंगलवार, 1 मई 2012

सूरज सरक गया क्षितिज के पार...ब्लॉग4वार्ता....संध्या शर्मा

संध्या शर्मा का नमस्कार...स्वामी विवेकानंद कहते थे "आप संसार में कुछ देने के लिए आये हैं, लेने के लिए नहीं. आपके पास जो कुछ भी आवश्यकता से ज्यादा है, उसे खुले हांथों से दे डालिए. यह मत सोचिये की बदले में आपको क्या मिल रहा है. यदि बेवजह संचय करेंगे तो अनेक दारुण दुःख भोगने ही होंगे" प्रकृति के नियम इतने दृढ हैं, कि यदि आप प्रसन्नता से नहीं देंगे तो वह आपसे जबरदस्ती छीन लेगी. इसके उदाहरण हम हमेशा से देखते आये हैं.  आइये अब चलते हैं आज की ब्लॉग4वार्ता पर मेरी पसंद के कुछ लिंक्स के साथ..... 

ये रास्ते जिन्दगी के....ये रिश्ते जिन्दगी के......!!! पढ़िए सुषमा 'आहुति' जी की रचना इनके ब्लॉग का पता है- http://sushma-aahuti.blogspot.in/ ये रास्ते जिन्दगी के....ये रिश्ते जिन्दगी के..... आज उस मोड़ पर आ पहुंची हूँ मैं,जहाँ रास्तो और रिश्तो में किसी एक को अपनाना है मुझे.....रास्ते वो जो मंजिल तक ले जायेंगे मुझे,* ... 
" स्मृति की एक बूंद मेरे काँधे पे......." .अमित श्रीवास्तवजी की रचना. इनके ब्लॉग का पता है- http://amit-nivedit.blogspot.in/ उस रात, काजल लगी, आँखों से, जो एक आंसू, टपका था तुम्हारा, मेरे काँधे पे, वक्त के साथ, आंसू तो सूख गया, पर काजल का, वो एक कण, ठहरा हुआ है वहीं, अब भी, मेरे काँधे पे, बन एक तिल छोटा सा, रखता हूँ जब कभी, हथे...

जो मैं भी समझ ना पाया  आशा सक्सेना जी की सुनिए. .....इनके ब्लॉग का पता है- http://akanksha-asha.blogspot.in/ मनचाहा कह ना पाया जो कहा हो ना पाया जो भी हुआ पचा ना पाया हुए विद्रोह के स्वर प्रस्फुटित वे सारे वार भी झेल ना पाया किसी ने मेरा साथ ना दिया सिरे से नकार दिया तब धीरे से अनकही बातें मन की उज...दीप-ज्योति उदयवीरजी कुछ कह रहे हैं. इनके ब्लॉग का पता है  ttp://udayaveersingh.blogspot.in/
*ख़ुशी के दीप जलें मुझे ख़ुशी होगी ,आओ करें प्रयास जहाँ अँधेरा है-चूल्हे बुझे हुए ,दिवा जले तो जले कैसे ,विस्थापित हो तम , बनाये डेरा है -* * * *एक दिन कीदिव...

जीवन क्या है ?  मार्क राय जी बता रहे हैं.  इनके ब्लॉग का पता है-http://markrai0.blogspot.in/ईश्वर से साक्षात्कार जीवन है सत्य की तलाश जीवन है रिश्तों की मिठास जीवन है प्रकृति का आनंद जीवन है ! तार्किकता का उद्भव जीवन है आस्था का प्रश्न जीवन है अराधना का द्वार जीवन है श्रधा का इजहार जीवन है ... 
ओस की बिछावन पर स्म्रतियों के पंख .... प्रतिभा कटियार जी कह रही हैं. इनके ब्लॉग का पता है- http://pratibhakatiyar.blogspot.in/ ना जाने कब ज़िंदगी का सम छूट गया...अपने ही सम को पकड़ने के लिए हाथ बढाया और खुद से ही छूट गयी. इस दरम्यान एक नींद के गाँव के बारे में सुना. सुना था कि उस गाँव में ख्वाब आते हैं. पलकों की डालों से चिपक जा...

मां  संजय मिश्रा "हबीब"जी द्वारा माँ के श्री चरणों में समर्पित हृदयान्जली  ...इनके ब्लॉग का पता है-http://smhabib1408.blogspot.in/  समस्त उजाले समेट कर सूरज सरक गया क्षितिज के पार... शेष है सूर्योदय का अंतहीन इन्तजार....  सूखती नदियों और तुम्हारी किस्मत में फर्क ही कहाँ है...? रे आंसुओं ! सागर से होड़ लेना तुम्हारे बस में कहा... फरेब अनु जी लिख रही हैं. इनके ब्लॉग का पता है- http://allexpression.blogspot.in/
 बड़े बुसूक से दुनिया फरेब देती है....बड़े ख़ुलूस से हम ऐतबार करते हैं....... * * *क्यूँ आसान है किसी पर यकीं करना...* *क्यूँ आसान है किसी को फरेब देना...* *क्यूँ आसान नहीं किसी फरेब को सह जाना?????* * * *जान...

सागर मंथन किया है, जीवन का संगीता स्वरुप जी ने. इनके ब्लॉग का पता है- http://geet7553.blogspot.in/
 कटूक्तियाँ , मन के भँवर में घूमती रहती हैं गोल गोल संवेदनाएं तोड़ देती हैं दम अपने अस्तित्व को उसमें घोल , भावनाएं साहिल पर पड़ी रेत सी वक़्त के पैरों तले कुचल दी जाती हैं जो अपने क्षत- विक्षत....
जूठी प्लेट और खुरचन हरी वैष्णव जी की रिपोर्ट पढ़िए.इनके ब्लॉग का पता है- http://hariharvaishnav .blogspot.in/ इस बार प्रस्तुत है, "नवभारत", दिनांक 5 जुलाई 1984 अंक में प्रकाशित यह रपट : अभी-अभी हमने अन्तर्राष्ट्रीय बाल-वर्ष बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया है और विभिन्न आँकड़ों के माध्यम से न केवल हमने यह साबित करने...

परियों का प्यार साधना वैद्य जी के साथ चलिए परियों के देश में. इनके ब्लॉग का पता है - http://sadhanavaid. blogspot.in/ स्वर्गलोक से परियाँ आयीं किरण नसैनी से होकर , नन्हे पौधों को नहलाया ओस परी ने खुश होकर ! फूलपरी ने आ उन सबका फूलों से श्रृंगार किया , सोई कली जगाईं, पलकें चूम बहुत सा प्यार दिया ! फिर सुगंध की परियाँ मन पाए विश्राम जहाँ पर अनीता जी लिख रही हैं. इनके ब्लॉग का पता है- http://anitanihalani. blogspot.in/ वह जो कोई भी है कोई दूर रह कर भी निकतम हो सकता है ! दूरी प्रेम को बढ़ाती है विरह की अनल में जल जाते हैं उर के अवांछनीय तत्व, जल ही जाते होंगे... तभी तो विरह के आँसूओं का स्वाद कुछ अलग हो...

लड़कियां ....  आनंद द्विवेदी जी कहते हैं. इनके ब्लॉग का पता है - http://anandkdwivedi.blogspot.in/
मुस्किल से, जरा देर को सोती हैं लड़कियां, जब भी किसी के प्यार में होती हैं लड़कियां | 'पापा' को कोई रंज न हो, बस ये सोंचकर, अपनी हयात ग़म में डुबोती हैं लड़कियां | फूलों की तरह खुशबू बिखेरें सुबह से ...अब लेते हैं आपसे विदा मिलते हैं, अगली वार्ता में नमस्कार...........

10 टिप्पणियाँ:

मजदूर दिवस पर तहेदिल से बधाई |
आशा

मेरा रचना शामिल करने के लिए आभार |
लडकियां और परियों का प्यार कविता पढ़ ली है बहुत अच्छी लगीं |

विवेकानंद जी के इस विचार पर मानव जाति अमल करे तो दुनिया स्‍वर्ग बन जाए ..
सुबह सुबह सुंदर विचार के साथ ही साथ अच्‍छे अच्‍छे लिंक्‍स उपलब्‍ध कराने का शुक्रिया !!

अच्छे लिंक्स.. फ़्री होते ही देखता हूं

सुंदर विचार से शुरू हुई वार्ता .... सार्थक .... आभार

बहुत सुन्दर वार्ता संध्या जी ! 'परियों का प्यार' के चयन के लिये आपका आभार एवं बहुत-बहुत धन्यवाद ! सभी लिंक्स बेहतरीन हैं !

शानदार वार्ता ...

बढ़िया वार्ता.

खूबसूरत लिंक्स दिये हैं संध्या जी। बस एक ही बात समझ नही आई जब लिंक पर क्लिक कर ब्लॉग का पता आ ही रहा है तो आपने अलग से ब्लॉग का पता क्यों दिया है कोई विशेष कारण।

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी में किसी भी तरह का लिंक न लगाएं।
लिंक लगाने पर आपकी टिप्पणी हटा दी जाएगी।

Twitter Delicious Facebook Digg Stumbleupon Favorites More