रविवार, 12 अगस्त 2012

हर चूल्‍हे में आग रहे आग लगे बन्‍दूकों को...ब्लॉग4वार्ता....संध्या शर्मा

संध्या शर्मा का नमस्कार... योगेश्वर दत्त ने भारत के लिए कुश्ती में एक और ओलंपिक कांस्य पदक जीता.....जय हिंद.... स्वतंत्रता दिवस पर गरीबों को फ्री मोबाईल देने की सरकार की योजना खाते में पड़ती दिखाई दे रही है. वित्त मंत्रालय ने हर हाथ में मोबाईल नाम की इस खर्चीली योजना पर हाथ खड़े कर दिए हैं... :))    आइये अब चलें आज की ब्लॉग वार्ता पर...

कोई दोस्त है न रक़ीब है...खुशदीप - कोई दोस्त है न रक़ीब है, तेरा शहर कितना अजीब है [ रक़ीब = दुश्मन ] वो जो इश्क़ था वो जुनून था, ये जो हिज्र है ये नसीब है [ हिज्र = विरह ] यहाँ किसका चेहरा... सत्ता ... - हम - सत्ता में रहना, बने रहना चाहते हैं ! कोई शर्त ? कोई नहीं !! क्यों ? सत्ता में बने रहना ही हमारी शर्त है ! बदले में ? जो आपकी मर्जी, सब मंज...स्वंत्रता दिवस ....१५ अगस्त *अपनी आज़ादी पर अपने ही कुछ विचार ....(मन का मंथन ) क्या ये हैं अपनी सच्ची आज़ादी ??* * कैसी आज़ादी हैं ये ...कैसा हैं इसका स्वाभिमान ...जहाँ मान सम्मान का ही कोई अता-पता नहीं हैं हमारे देश के स्वतंत्रता सैन...

खरगोश के होंठ...चांद के दाग ! - एक बार चांद ने खरगोश को धरती पर मनुष्यों को , ये सन्देश देने के लिए भेजा कि जिस तरह से ‘चांद मरता है और फिर से जी उठता है , उसी तरह से मनुष्य भी मर कर पुन... क्योंकि मुझे नहीं आता जन्मदिन मनाना .......तुम्हारा - मनाते रहे ता-उम्र ज़िन्दगी की खुशफहमियां फिर चाहे वो जन्मदिन के रूप में हों या वर्षगांठ या अन्य कोई उत्सव हो एक के बाद एक चाहतें ज्वार - भाटों सी उमड़ी... प्रेम के निष्कर्ष - यद्यपि यह विषय उर्वशी में अपनी पूर्णता से व्यक्त नहीं हुआ है, पर बहुधा दिनकर के दर्शनमय आख्यान के संकेत उस दिशा में जाते हैं। प्रकृति ने मानव शरीर में सहज...

( rashifal ) क्‍या करें क्‍या न करें 11 और 12 अगस्‍त 2012 को ?? - मेष लग्नवालों के लिए 11 और 12 अगस्‍त 2012 को भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी। कोई बडा खर..चले आओ कन्हैया, देश की नैया बचाना है...... - भगवान् कृष्ण की आराधना कुछ इस अंदाज़ में... ---------------- *चले आओ कन्हैया, देश की नैया बचाना है. यहाँ हर सिम्त हैं अब कंस, उनको ही मिटाना है. -------------...एक बार विदाई दे माँ ... खुदीराम बोस (03/12/1889 - 11/08/1908) - *आजादी की लड़ाई का इतिहास क्रांतिकारियों के त्याग और बलिदान के अनगिनत कारनामों से भरा पड़ा है। क्रांतिकारियों की सूची में ऐसा ही एक नाम है खुदीराम बोस का, ज...

डॉक्टर नूतन डिमरी गैरोला की कवितायें - जीती रही जन्म जन्म पुनश्च मरती रही, मर मर जीती रही पुनः चलता रहा सृष्टिक्रम अंतविहीन पुनरावृत्ति क्रमशः यह पंक्तियाँ पढ़कर आपको अवश्य डॉक्टर नूतन की..श्याम की बंसी पुकारे किसका नाम --- - देश विदेश में श्री कृष्ण जी का जन्मदिन जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है . श्री कृष्ण द्वापर में अवतरित हुए थे . कहते हैं , जिस दिन उन्होंने मानव देह का..कृष्ण लीला। - बाजार से झाँवाँ, करौंदे व अशोक की पत्तियाँ खरीदते लोग। वैसी ही एक दूसरी दुकान। यह उम्र तो खिलौनौ से खेलने की है ! घर-घर में जन्माष्टमी । माँ आनंद... 

फ़साने निकल आते है कई, तुम्हारे इक फ़साने से ! - सर्वप्रथम आप सभी को जन्माष्ठमी की मंगलमय कामनाएं ! लिखना तो आज कान्हा की महाभारत चाहता था, लेकिन लिख शायद रामायण गया हूँ ! आप भी झेलिये ; छुपाकर मिलेगा...वन देवी - एकांत पा पलकें मूंदे खो जाती प्रकृति में विचरण करती उसके छिपे आकर्षण में| वह उर्वशी घूमती झरनों सी कल कल करती तन्मय हो जाती सुरों की सरिता में | . .प्रिये, यह गागर,रीत-रीत क्यों जाती है ! - प्रीत की यह गागर— भरती क्यों नहीं---प्रिये सपनों से लेकर---- फिर, रात घनेरी तक--- रोज-रोज,रीत-रीत-- क्यों जाती है,प्रिये!!! .... .   

हर चूल्‍हे में आग रहे और आग लगे बन्‍दूकों को - अशोक कुमार पांडेय की कविता - *अशोक कुमार पांडेय* हिंदी की युवा कविता के कुछ सबसे सधे हुए कवियों में है, जिसके सधे हुए होने में भी कुछेक दिलचस्‍प पेंच हैं। यह सधाव इतना गतिमान है कि उसे...जिन्दगी मिलेगी नहीं दुबारा - * * जिन्दगी नहीं मिलेगी दुबारा ** जिन्दगी मिलेगी नहीं दुबारा यु ही कट जायेगी बिन सहारा कभी पैसो का जुगाड़ करते हुए .. कभी यू ही खाली पेट सोते हुए.. मेरी डायरी का एक पन्ना....30/9/2011 - लिखा था किसी रोज..मगर ज़िक्र था कान्हा का, सो पढवाती हूँ आज.... कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाओं सहित... *आज बेटे के स्कूल में * *बैठी थी उसके इन्तज़ार में,... 

गज़ल - उन्हें याद करने का बहाना नहीं है - उन्हें याद करने का बहाना नहीं है, उनकी गली में अब आना जाना नहीं है, गली छोड़ी, शहर छोड़ा और छोड़ा है उनको, हमारे घर का पता अब वो पुराना नहीं है, उनकी खुशियो... थोड़ी थोड़ी किया करो - मीडिया में बात के फ़ैलने के बाद हमारे नेता किस तरह से अपनी ही कही गयी बातों से आसानी से मुकर जाते हैं इसका ताज़ा उदाहरण यूपी के लोक-निर्माण और ... पांच सौ के नोट में..... - पांच सौ के नोट में..... ** वाह गांधी पहन कर खादी क्या चली तुम्हारे नाम की आंधी आजादी के सपने दिखा कर असहयोग आंदोलन कराकर सत्...


कार्टून :- ढीलू का चपरासी 

आज के लिए बस इतना ही अगली वार्ता में फिर मिलते हैं. नमस्कार .....

12 टिप्पणियाँ:

संध्‍या जी, बहुत ही प्‍यारे-प्‍यारे लिंक उपलब्‍ध कराए हैं आपने। और हां, शीर्षक बहुत ही प्‍यारा है। बधाई।

............
महान गणितज्ञ रामानुजन!
चालू है सुपरबग और एंटिबायोटिक्‍स का खेल।

संध्या जी कई लिंक्स के साथ सजी है आज की वार्ता |मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार |
आशा

संध्‍या जी, आपके लिंक और शीर्षक दोनों जोरदार रहते हैं1

............
कितनी बदल रही है हिन्‍दी !

वाह संध्या जी.....बढ़िया वार्ता,बढ़िया लिंक्स.
हमारी पोस्ट शामिल की गयी..ये और भी बढ़िया रहा :-)
शुक्रिया
सस्नेह
अनु

बहुत बढिया ..

काफी लिंक्‍स मिल गए ..

आज पढने के लिए काफी हैं ..

बहुत खूबसूरत लिंक संयोजन

बहुत बढ़िया लिंक्स संयोजन..
बढ़िया वार्ता...
:-)

बढ़िया लिंक्स संयोजन.............

बड़े अच्छे सूत्रों का संकलन..

बढ़िया वार्ता,आभार संध्या जी !

बहुत बढ़िया वार्ता...वाह संध्या जी

इस वार्ता का उन्वान (शीर्षक) अपने आप में बहुत बड़ी बात कह गया ललित जी।

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