बुधवार, 29 अगस्त 2012

कमीनेपन का एक और नमूना ---- ब्लॉग4वार्ता----------- ललित शर्मा

ललित शर्मा का नमस्कार, केरल में मनाए जाने वाले कृषि त्यौहार ओणम की सभी मित्रों को शुभकामनाएं एवं बधाई। अनेकता में एकता पर आधारित हमारी भारतीय संस्कृति में देश के सभी राज्यों में इस मौसम में नई फसल के आगमन पर अलग-अलग तरह से अलग-अलग तारीखों में उत्सव मनाने की समृध्द परम्परा सैकड़ों-हजारों वर्षों से चली आ रही है। इसी परम्परा में 'ओणम' का पर्व भी हर साल केरल वासियों के जीवन में खुशहाली का संदेश लेकर आता है। अब चलते हैं आज की वार्ता में…… प्रस्तुत हैं कुछ उम्दा चिट्ठों के लिंक्…
 
अथकथा राजनीति‍ एक देश था. देश में लोकतंत्र था. उस देश में दो राजनीति‍क पार्टि‍यां थीं. जो पार्टी सत्‍ता में थी, उसके पास लीडर नहीं था इसलि‍ए उसके लोग लीडर खोजते रहते थे. जो पार्टी वि‍पक्ष में थी, लीडर उसके पास भी नह...काव्य वाटिकाफलक पर तुम्हें फलक पर ले जाऊँगा चाँद - तारों के बीच बसाऊंगा एक ऐसी दुनिया जहाँ तिरोहित होंगे हर बाधा - प्रतिबन्ध । उस आकाशगंगा को इंगित करते तुम्हारे शब्द अमृत घोल रहे थे मैंने तो फलक पे ...कोरे पन्ने जीवन के बहुत कुछ लिखना है जीवन की किताब में कुछ शब्द उकेरना है कुछ भाव समेटना है कहाँ से शुरुआत करूँ कहाँ जाकर रुकूँ कभी लगता है भूत लिखूं भविष्य लिखूं क्यों ना वर्तमान लिखूं यहाँ भी भटक जाती हूँ लिखने लगती ...

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चैतुरगढ से लाफ़ागढ की ओर पहाड़ की सुंदरता चैतुरगढ से लौटते हुए रास्तों की ढलान से सामने सीना ताने खड़े विशालकाय पहाड़ अनुपम दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे। पहाड़ का जो दृश्य मेरे सामने था, कमाल का था, वह पहाड़ चोटी से लेकर तराई तक सीधा खड़ा थ...विधायक यूपी के वोट उत्तराखंड में ? लगता है छोटे राज्यों के विरोध में होने के कारण सपा के विधायक भी अभी तक यूपी और उत्तराखंड को अलग अलग राज्य के रूप में स्वीकार नहीं कर पाए हैं तभी एक ताज़ा मामले में विधान सभा बरहज (देवरिया) से स...वर्जनाहीन वर्जना का शाब्दिक अर्थ है ‘मनाही’ अथवा ‘रोक-टोक’. समाज शास्त्र में वर्जनाहीन समाज का मतलब स्त्री-पुरुष सम्बन्धों में मान्यताओं की सीमाओं की छूट से लिया जाता है. हम सुनते–पढ़ते हैं कि उत्तरी यूरोप के कुछ ...

'अंत' व 'सीमा' बोलते शब्‍द 96 आलेख डॉ.रमेश चंद्र महरोत्रा स्‍वर संज्ञा टंडन 178. 'अंत' व 'सीमा' गोशों में बिखरा हुआ अँधेराएक रोज़ उड़ ही जाती हैं, सब मुश्किलें और राहतें मगर ये न समझाना किसी को कि ज़िन्दगी को आसानी से जीया जा सकता है। कोई तुम पर यकीन नहीं करेगा। मेरे साथ कोई न था, एक परछाई थी, उसी के बारे में बेवजह की बात...प्रधानमंत्री जी, शायरी से बात बनती नहीं हैसिद्धार्थ शंकर गौतम संसद के दोनों सदनों में कोल आवंटन ब्लॉक घोटाला मामले में गतिरोध समाप्त होते न देख प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विपक्ष के भारी हंगामे के बीच प्रश्नकाल के बाद लोकसभा में अपना बयान दिया। ...

ऊषा की ओ स्वर्णिम लालिमा गगन नील ...नीलाम्बर ...!! विस्त्रित नीलिमा छाई ..!! धनघड़ी  ... ब्रह्म मुहुर्त लाई ....!! अब शुभ संकेत सी ... बिखरने ही लगी लालिमा ... ऊषा की आहट से ही ... घुल गई रात्री की कालिमा ...!! नतमस्तक हूँ ....आईने ने कैद किया अक्स दिन गुजर रहे हैं अपनी रफ्तार से, वक्त है कि मेरे लिए रूक ही नहीं रहा है। आसपास से सब गुजर रहा है लेकिन मेरे लिए सब कुछ जैसे ठहरा है। कुछ खोई चीजों को ढूंढ़ते हुए इतना दूर निकल आई हूं कि रास्ता ही नहीं मिल...शिरीन + फरहाद= महा-बकवास नंगेपन का नायाब "नमूना" संजीव चौहान 26 अगस्त 2012 को परिवार के साथ नोएडा के स्पाइस मॉल में भटक रहा था। सोच कर परेशान था, कि कौन सी पिक्चर देखूं? क्यों देखूं? पोस्टर कई फिल्मों के देखे। सोचा “जोकर” दे...

आम बनाम बबूल सपने हंसते हैं सपने रोते हैं सपने सच भी होते हैं अक्सर उनके जो सिर्फ बबूल बोते हैं …कहां होते....कल के गुजरे मंजर, जो मुझे याद न होते तो आज इस हाल में हम जिंदा कहां होते... समंदर में ही फकत उठता चांद रात में ज्‍वार गर दि‍ल न होता तो बताओ ये तूफां कहां होते... कद्र होती नहीं यहां हर एक के अश्‍कों की ...‘दीदी’ के बयान पर इतना हाय-तौबा क्यों? विगत दिवस पश्चिम बंगाल की मुख्य मंत्री ममता बेनर्जी का यह बयान आया कि ऐसे अनेक उदाहरण है जिससे पता चलता है कि अदालत में पैसे के बदले मन मुताबिक फैसले दिये जाते है। ...

 


वार्ता को देते हैं विराम राम-राम ........

12 टिप्पणियाँ:

badhiya blog varta ...abhar Lalit ji meri rachanaa ka chayan kiya ...!!...

laललित जी ब्लॉग ४ वार्ता बहुत अच्छी लगी |ओणम पर हार्दिक शुभकामनाएं|
आशा

कार्टून को भी सम्‍मि‍लि‍त करने के लि‍ए ओणम जी

सुंदर वार्ता ..

अच्‍छे अच्‍छे लिंक्‍स ..
सबों को ओणम की बधाई !!

इस वर्ता के कई लिंक्स बड़े काम के हैं।

बढ़िया वार्ता, अच्छे लिंक्स...

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